☚ लेसन के लिए यहाँ क्लिक करे ।

LESSON 15



प्रजातंत्र


427 words



01 प्रजातंत्र भारत के लिए कोई नई वस्तु नहीं है |

02 प्राचीन कल में शासन का यह रूप भारत में विद्यमान था |

03 यह तो शासन का केवल एक रूप है |

04 यह शासन का एक विशिष्ट रूप है |

05 प्रजातंत्र जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन है |

06 लेकिन प्रजातंत्र की यह परिभाषा पूर्ण नहीं है |

07 अगर नागरिक अच्छे हो तो यह प्रणाली अच्छी सिद्ध होती है |

08 केवल अच्छे नागरिक ही इसे सफल बना सकते है |

09 सामान्य व्यक्ति सर्वोच्च सत्तासंपन्न होता है |

10 सामान्य व्यक्तियो के प्रतिनिधि सरकार का निर्माण करते है |

11 प्रतिनिधि निर्वाचक मंडल के प्रति उत्तरदायी होते है |

12 प्रतिनिधि सरकार का निर्माण करते है |

13 प्रतिनिधि निर्वाचक मंडल के प्रति उत्तरदायी होते है |

14 प्रतिनिधि जनमत का सम्मान करते है |

15 प्रजातंत्र में जनता को मतदान का अधिकार होता है |

16 अगर जनता वर्तमान सरकार से संतुष्ट नहीं है, तो नया निर्वाचन में परिवर्तन कर सकती है |

17 प्रजातंत्र में सामान्य व्यक्ति आधारशिला होते है| सरकार जनता की भलाई के लिए होती है|

18 प्रजातंत्र व्यक्ति के व्यक्तित्व का सम्मान करता है|

19 यह उसे कुछ सुविधाए प्रदान करता है |

20 प्रत्येक व्यक्ति सामान अवसरों का अधिकारी होता है |

21 इस प्रणाली में जात-पात का भेदभाव नहीं रहता |

22 इसका उद्देश्य समाज की भलाई है |

23 प्रजातंत्र में व्यक्ति स्वयं मालिक होते है |

24 सत्ता जनप्रतिनिधियों के हाथों में होती है |

25 जनमत का महत्व होता है |

26 जनमत की उपेक्षा नहीं की जा सकती है |

27 व्यक्ति को पूर्ण अधिकार प्राप्त होता है |

28 उसके व्यक्तित्व का सम्मान होता है |

29 सर्कार उसकी चिंता करती है|

30 प्रजातंत्र को भीडतंत्र भी कहते है |

31 इसे मूर्खो का शासन भी कहते है |

32 यह बहुत ही खर्चीला शासन है |

33 इसे रातोंरात बदला जा सकता है |

34 इसकी सफलता अच्छे व्यक्तियों पर निर्भर करती है |

35 यदि सदन अविश्वास का प्रस्ताव पास कर दे तो पुनः निर्वाचन होता है |

36 अतः यह अत्यंत खर्चीला शासन है |

37 जनता अनावश्यक ढंग से करो (टैक्सों)के बोझ से लड़ी जाती है |

38 इस शासन के अंतर्गत सरकार निश्चित समय पर बदलती है |

39 अतः कभी-कभी वह भयानक रूप से हानिकारक सिद्ध होती है |

40 आजकल यह शासन सर्वोत्तम समझा जाता है |

41 इस शासन में भी अनेक अवगुण है |

42 इसमे दोष और गुण दोनों है |

43 इसमे गुण कम नहीं है |

44 यह शासन अच्छे नागरिकों पर निर्भर करता है |

45 इसमें जनता को सुखी बनाने की क्षमता होती है |

46 यह देश को उन्नतिशील बना सकता है |

47 यह समस्त देश में शांति और खुशिया ला सकता है |

48 इसमें जाति-पाति का भेदभाव नहीं होता |

49 इससे स्वतंत्रता, समानता, भ्रातृत्व के भाव पैदा होते है |

50 इससे जनता में अधिकार-चेतना होती है |

51 शासन का दूसरा कोई रूप इससे अच्छा नहीं है |

52 यह आदर्श शासन तंत्र है|